भारत के 14 टाइगर रिजर्व को अंतरराष्ट्रीय बाघ मानक कार्यकारी समिति ने मान्यता दी है। इसके लिए 20 टाइगर रिजर्व का मूल्यांकन किया गया था। चयनित टाइगर रिजर्व पार्क, बाघों को संरक्षण देने व जंगलों को बचाने के लिए तय मानकों पर सर्वश्रेष्ठ करार दिए गए हैं। यह जानकारी केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को विश्व बाघ दिवस पर दी।
बाघ दिवस पर पीएम मोदी बोले- भारत ने 4 वर्ष पहले ही किया हासिल लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, सेंट पीटर्सबर्ग घोषणापत्र के तहत बाघों की आबादी बढ़ाने के लिए निर्धारित लक्ष्य भारत ने चार साल पहले ही हासिल कर लिए हैं।
बाघों की आबादी बढ़ाने के लिए बने थे मानक
- भूपेंद्र यादव ने बताया कि विश्व वन्यजीव कोष (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के कंजर्वेशन एश्योर्ड टाइगर स्टैंडर्ड्स (सीएटीएस) के तहत यह मान्यता देश के 14 टाइगर रिजर्व को दी गई है।
- बाघों की आबादी को बढ़ाने में मदद करने वाले जंगलों को लंबे समय तक संरक्षित रखने के लिए यह मानक बनाए गए थे। इनमें बाघों के प्राकृतिक जीवन के लिए आवश्यक तत्वाें का ध्यान रखा जाता है।
यह टाइगर रिजर्व...
मानस, काजीरंगा, ओरांग (असम), सतपुड़ा, कान्हा, पन्ना (मध्य प्रदेश), वाल्मीकि (बिहार), दुधवा (उत्तर प्रदेश), पेंच (महाराष्ट्र), परमबीकुलम (केरल), मुदुमलाई, अनामलाई (तमिलनाडु), बांदीपुर (कर्नाटक), सुंदरवन (प. बंगाल)
79 % बाघ हमारे यहां
पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दुनिया के 70 फीसदी जंगलों में रहने वाले बाघ भारत के हैं। इनके संरक्षण और जंगल बचाने के लिए भारत पूरी तरह समर्पित है। देश के 18 राज्यों में 51 टाइगर रिजर्व हैं। 2018 में हुई बाघ गणना में इनकी संख्या बढ़ती नज़र आई।
बाघों की संख्या बढ़ाने, जंगलों के प्रबंधन, जनसमुदाय को जंगलों से जोड़ने और पर्यटन का संतुलन बनाने के लिए हुए काम को सबसे अच्छे दर्जे का माना गया है। मूल्यांकन के लिए जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हुआ, जो विश्व में पहली बार था।