महाराष्ट्र में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में कोरोना वायरस से बचाव को लेकर सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस दिशा-निर्देश के अंतर्गत इस बार स्वतंत्रता दिवस पर कई पाबंदियां लगाई गईं हैं। इसके तहत स्पष्ट किया गया है कि किसी भी तरह के बड़ी सभाओं का आयोजन नहीं करना है। सामाजिक दूरियों के मानदंडों का सख्ती से पालन करना होगा और मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा को न फहराकर घर की छत और बालकनी में फहराएं ताकि कोरोना से बचाव हो सके। कोरोना वायरस की वजह से सभी कॉलेज और स्कूल बंद है, इसलिए समाजिक दूरी का पालन करते हुए सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी परिसरों में अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का निर्देश दिया गया है।
केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देश के तहत इस बार स्वतंत्रता दिवस का थीम 'आत्मनिर्भर भारत' रहेगा। वहीं सरकार ने विभागीय आयुक्तों और कलेक्टर को आधिकारिक कार्यों का लाइव वेबकास्ट सुनिश्चित करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सुबह 9.05 बजे मुंबई के मंत्रालय में तिरंगा फहराएंगे, वहीं राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पुणे में एक आधिकारिक कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे और तिरंगा फहराएंगे।
सलाहकार के अनुसार स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके परिवारों के अलावा निर्वाचित प्रतिनिधियों, डॉक्टरों और जो लोग कोरोना की जंग जीत चुके हैं, उन्हें आधिकारिक कार्यों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है।
तिरंगा फहराने के बाद कुछ कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत पौधा-रोपण और ऑनलाइन प्रतियोगिताएं जैसे गायन, कविता और क्विज शामिल होंगे। जीतने वाले प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
वहीं सोमवार को ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुशर्रफ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि 15,000 ग्राम पंचायतें जहां कोविड -19 के कारण चुनाव टाल दिए गए थे, वहां नव-नियुक्त अधिकारियों को राष्ट्रीय ध्वज की मेजबानी करने की अनुमति दी जाएगी। वहीं जहां अधिकारी नियुक्त नहीं किए गए हैं वहां स्वतंत्रता सेनानी सम्मान ध्वज फहराएंगे।