देश गुरुवार को आजादी की वर्षगांठ मना रहा है और इस जश्न को हर्षोल्लास और शांति से संपन्न करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी सहित सभी राज्यों की राजधानियों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।दिल्ली पुलिस लाल किले की सुरक्षा के लिए चेहरा पहचानने वाले सॉफ्टवेयर से लैस कैमरों का पहली बार इस्तेमाल कर रही है।
जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के तहत ज्यादातर प्रावधानों को हटाए जाने के फैसले और पाकिस्तान के साथ तनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में बहुस्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। इसके तहत स्वाट कमांडो और एनएसजी स्नाइपर्स की भी तैनाती की गई है। सेना, अर्द्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस के 20 हजार जवानों को तैनात किया गया है।
ऐतिहासिक लालकिले के आसपास संदिग्धों की पहचान करने के लिए, पुलिस चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक वाले कैमरों का उपयोग कर रही है। आसमान को सुरक्षित करने के लिए ‘एंटी-ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम’ तैनात किया गया है।
कार्यक्रम स्थल के चारों ओर लगभग 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जहां प्रधानमंत्री को सुनने के लिए मंत्री, नौकरशाह, विदेशी गणमान्य व्यक्ति और आम लोग इकट्ठा हैं।
लाल किले की ओर जाने वाली सड़कों की निगरानी की जा रही है और पुलिसकर्मी दिल्ली के उत्तर और मध्य जिलों में वाहनों की जांच के लिए प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की मदद ले रहे हैं।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) नुपुर प्रसाद ने कहा, "लाल किले आने वाले सभी लोगों की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।" प्रसाद ने बताया कि विशेष नियंत्रण कक्षों से निगरानी की जाएगी और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करेंगे।
पंजाब, हरियाणा में बढ़ाई गई सुरक्षा
पंजाब और हरियाणा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और राज्य की सीमा पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। केंद्र प्रशासित क्षेत्र चंडीगढ़ में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चंडीगढ़ दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी है। अधिकारियों ने बताया कि 15 अगस्त के आयोजन स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ।
चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, पानीपत, अंबाला सहित सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों तथा अंतर राज्यीय बस टर्मिनल और अन्य स्थानों के इर्द-गिर्द सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीमाई क्षेत्रों में भी सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है।