चिकित्सा अध्ययनों में सामने आया है कि 28 से 36 साल की महिलाओं में हिस्टेरेक्टॉमी यानी गर्भाशय निकालने वाली सर्जरी की दर बढ़ी है। इसके चलते केंद्र सरकार ने राज्यों से जानकारी भी मांगी है, ताकि जमीनी स्तर पर इस बढ़ोतरी की सच्चाई पता चल सके।
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राज्यों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि हिस्टेरेक्टॉमी सर्जरी से जुड़े आंकड़े जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। प्राइवेट और सरकारी दोनों ही तरह के अस्पतालों से सर्जरी के आंकड़े लेकर इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये मंत्रालय तक पहुंचाने को कहा है।
स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों के कुछ अस्पतालों में इस तरह की प्रैक्टिस बढ़ने की सूचनाएं भी मिली हैं। दरअसल, 2015-16 में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 की रिपोर्ट बताती है कि 30 से 39 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं में हिस्टेरेक्टॉमी सर्जरी का प्रसार 3.6 फीसदी और 40 से 49 उम्र वाली महिलाओं के बीच 9.2 फीसदी था।