आयकर विभाग ने कर चोरी करने वाले कारोबारी समूह के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। विशाखापत्तन के एक समूह के कई राज्यों में फैले कारोबार की जांच की गई है। 25 अगस्त को विभाग ने इस समूह के पूरे आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, नागपुर व कोलकाता स्थित 17 परिसरों की जांच शुरू की। अब तक तीन करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई है। उधर गुजरात के राजकोट के एक समूह के 40 ठिकानों पर मारे गए छापों में 300 करोड़ रुपये की आय छिपाने का पता चला है। समूह के ठिकानों से 6.40 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
विशाखापत्तनम का समूह वनस्पति तेल, मैगनीज अयस्क खनन व फेरो अलॉय के उत्पादन से जुड़ा है। समूह के खिलाफ 24 अगस्त को आयकर ने जांच की। छापों के दौरान भारी मात्रा में नकदी व 40 करोड़ रुपये के बेहिसाबी लेनदेन के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच अभी भी जारी है।
इसी तरह राजकोट के समूह के खिलाफ 24 अगस्त को जांच शुरू की गई। यह समूह गुजरात का अग्रणी रियल एस्टेट कारोबारी है। वह राजकोट व आसपास रियल एस्टेट, निर्माण व जमीनों की खरीद फरोख्त करता है। समूह के करीब 40 ठिकानों की जांच की गई।
इस समूह की अब तक की जांच में 300 करोड़ रुपये की आय छिपाने का पता चला है। यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। कार्रवाई के दौरान विभिन्न परिसरों से 6.40 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी व 1.70 करोड़ रुपये की ज्वेलरी जब्त की गई है। इसके अलावा चार करोड़ रुपये के प्रॉमिसरी नोट भी जब्त किए गए हैं। साथ ही 25 लॉकरों को भी सील किया गया है। जांच कार्रवाई अब भी जारी है।