बिहार में कानून-व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री शराबबंदी के बाद बिहार में अपराधों में कमी का दावा कर रहे हैं, वहीं बीते 24 घंटों के दौरान अपराधियों ने दो पत्रकारों समेत पांच लोगों की हत्या कर दी है।
सासाराम और दरभंगा में हुए पत्रकारों की हत्या के बाद पुलिस प्रशासन ने जहां सभी मामलों में दोषी को गिरफ्तार करने और एसटीएफ का गठन कर पत्रकार हत्याकांड की जांच करने की बात कही है, वहीं विपक्षी नेता एक बार फिर सरकार पर हमलावर हो गए हैं।
इधर, कई पत्रकार संगठनों ने घटना की निंदा की है। जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह सासाराम में अपराधियों ने हिंदी दैनिक के पत्रकार धर्मेंद्र सिंह को गोली मार कर की हत्या कर दी। श्री सिंह मुफस्सिल थाने के अमरा तालाब स्थित अपने घर के पास ही चाय की दुकान में चाय पी रहे थे, उसी समय बाइक पर सवार तीन हथियारबंद अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया।
धर्मेंद्र ने कुछ देर हमलावरों के साथ हाथापाई और विरोध भी किया, लेकिन अपराधियों ने उनके सीने में गोली मार दी और वो वही गिर पडे़। इसके बाद सभी हमलावर वहां से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने आनन- फानन में पहले उन्हें सासाराम के सदर अस्पताल लाए, लेकिन चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया।
वाराणसी जाते वक्त शिवसागर के निकट रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस इस गंभीर मामले की छानबीन और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। घटना के बाद रोहतास जिला समेत राज्य के सभी पत्रकारों में भारी क्षोभ है।