लेह में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की यह प्रदर्शनी न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन में रुचि रखने वालों के लिए भी एक महत्वपूर्ण आयोजन है। यह भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को समझने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है, साथ ही लद्दाख क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा देने की क्षमता रखती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह में 'तथागत के पवित्र अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी' के उद्घाटन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन लद्दाख के लोगों के लिए श्रद्धा सुमन अर्पित करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है।
गृह मंत्री अमित शाह ने किया उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लद्दाख की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान लेह में तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों की एक पवित्र प्रदर्शनी और 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा समारोह का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि कल, बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर, लेह में 'तथागत के पवित्र अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी' का उद्घाटन किया गया।'
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पवित्र अवशेषों का महत्व और इतिहास
प्रधानमंत्री ने बताया कि ये पूजनीय अवशेष कपिलवस्तु के पिपरहवा स्तूप से जुड़े हुए हैं और उन्नीसवीं सदी के अंतिम वर्षों में इनकी खुदाई की गई थी। उन्होंने कहा कि ये भगवान बुद्ध की चिरस्थायी शिक्षाओं का प्रतीक हैं।
प्रदर्शनी का विवरण और अवधि
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह प्रदर्शनी 14 मई तक चलेगी और आने वाले दिनों में यह जंस्कार भी जाएगी। उन्होंने कहा, 'यह लद्दाख के लोगों के लिए श्रद्धा सुमन अर्पित करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है। इससे लद्दाख में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।' तथागत बुद्ध के पूजनीय पिपरहवा अवशेष, जो वर्तमान उत्तर प्रदेश में नेपाल सीमा के पास पिपरहवा में भगवान से जुड़े प्राचीन पवित्र अवशेष और संबंधित वस्तुएं हैं, बुधवार को लेह पहुंचे थे।