बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ भाजपा नेता द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी से बैकफुट पर आई पार्टी अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। रणनीति के तहत भाजपा ने अम्बेडकरवादी नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले को पलटवार के लिए मैदान में उतार दिया।
अठावले ने राज्यसभा में केंद्र सरकार और भाजपा का बचाव किया और अब उनके दौरे उत्तर प्रदेश में भी होंगे। भाजपा अपने दलित नेताओं के साथ सहयोगी दलों के दलित नेताओं को पूरे उत्तर प्रदेश के सभी हिस्सों में उतारेगी। रिपब्लिकन पार्टी के नेता और केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्य मंत्री अठावले ने इसके संकेत दिए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा उनका सहयोगी दल है और केंद्र सरकार में वे हिस्सेदार हैं। इस कारण असलियत बताना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी दलितों की पुरानी पार्टी है। यह बहुजन समाज पार्टी से भी अधिक पुरानी है।
अम्बेडकर के सिद्धांतों के लिए पार्टी समर्पित रही है। बसपा प्रमुख मायावती पर गलत टिप्पणी की निन्दा की जानी चाहिए लेकिन भाजपा ने संबधित व्यक्ति को पार्टी और सभी पदों से हटाकर त्वरित कार्रवाई की है। इस कार्रवाई का स्वागत भी होना चाहिए। अठावले ने कहा कि राहुल गांधी गुजरात के उना में पीड़ित दलितों से मिले और दलों के लोग भी मिलें।