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5000 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में 4700 करोड़ की संपत्ति जब्त, ईडी ने की स्टर्लिंग के खिलाफ कार्रवाई

Fri, 01 Jun 2018 03:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्टर्लिंग बायोटेक
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को 5383 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टर्लिंग ग्रुप की 4700 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली। इसके तहत जांच एजेंसी ने 4000 एकड़ की अचल संपत्ति, प्लांट एवं मशीनरी, 200 बैंक अकाउंट, 6.67 करोड़ के शेयर और कई लक्जरी गाड़ियां कब्जे में ले ली हैं।

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इस साल धनशोधन निरोधक अधिनियिम (पीएमएलए) के तहत ईडी की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। यह कार्रवाई पिछले साल अक्टूबर में सीबीआई द्वारा गुजरात के वडोदरा स्थित फार्मा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड और उसके प्रमोटरों नितिन व चेतन संदेसरा एवं अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। इस मामले में ईडी अब तक देश के 50 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।

ये हैं आरोप

जांच एजेंसियों का आरोप है कि संदेसरा बंधुओं द्वारा स्थापित कई बेनामी एवं शेल कंपनियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंकों के कंसोर्टियम से 5383 करोड़ रुपये का लोन हासिल किया और फिर फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर उस धनराशि को देश-विदेश स्थित अपनी कंपनियों को ट्रांसफर कर दिया। आंध्रा बैंक की अगुआई में स्टेट बैंक, यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दिया गया यह लोन बाद में एनपीए घोषित कर दिया गया।
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अब तक तीन गिरफ्तार

इस मामले में दिल्ली के बिजनेसमैन गगन धन, आंध्रा बैंक के पूर्व निदेशक अनूप गर्ग और स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड के निदेशक राजभूषण दीक्षित को गिरफ्तार किया जा चुका है। नितिन एवं चेतन संदेसरा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जा चुका है।

अहमद पटेल निशाने पर

स्टर्लिंग ग्रुप की एक कंपनी के निदेशक सुनील यादव द्वारा पिछले साल दिसंबर में ईडी के सामने दिए गए बयान के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के दामाद को संदेसरा बंधु भारी मात्रा में रिश्वत देते थे। चेतन संदेसरा और गगन धवन कई बार पटेल के दामाद के घर रुपयों से भरे बैग लेकर जाते थे। चार-पांच मौकों पर वह खुद भी उनके साथ था। एक बार में 15-25 लाख रुपये दिए जाते थे। बता दें कि धनशोधन निरोधक अधिनियम की धारा 50 (2) के तहत उसका यह बयान अदालत में मान्य होगा।

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