लॉकडाउन के दूसरे पड़ाव में भी कोरोना से बढ़ते मामले पर काबू पाना मुश्किल भरा काम है। अभी भी कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी मेडिकल स्टाफ के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है।
मौजूदा हालात में कोविड-19 मरीजों की देखभाल करना अपने आप बड़ी चुनौती है, जिसकी वजह से कोरोना से संबंधित प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरह की दिक्कतें सामने आ रही है। लेकिन इसके अलावा जिन मरीजों को कोरोना नहीं है, उनका प्रबंध करना भी चुनौतीपूर्ण भरा काम है।
मेडिकल स्टाफ के सामने कई तरह की समस्याएं सामने आ रही है जिनमें दूसरे मरीजों की सुरक्षा रखना, डॉक्टर और स्टाफ की रक्षा करना और टेलिकंसल्टेशन से संबंधित समस्याएं शामिल हैं। मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर के लिए कई गाइडलाइंस जारी की गई हैं जो उपलब्ध भी है लेकिन इन गाइडलाइंस में शुद्ध और स्पष्ट नहीं है।
मेडिकल स्टाफ को विस्तृत और स्पष्ट निर्देश या गाइडलाइंस की जरूरत है नहीं तो मरीजों के उचित प्रबंध को कानूनी तरीके से लागू करने को सुनिश्चित किया जाए। मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर के लिए कोरोना से संक्रमित या गैर संक्रमित मरीजों को सुरक्षित तरीके से स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराई जाए।
इन मुद्दों पर ध्यान देना जरूरी
- संदिग्ध मामलों को दोबारा परिभाषित करना
- ज्यादा लोगों का टेस्ट हो और उन्हें क्वारंटीन किया जाए
- मरीज का टेस्ट कौन और कहां हो रहा है, टेस्ट के भुगतान की जिम्मेदारी
- डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ का टेस्ट
- भर्ती करने से पहले मरीज का टेस्ट
- एनेस्थीसिया और चेकअप से पहले अनिवार्य जांच के तौर पर टेस्टिंग
- स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए रोग निरोध
- इलाज की एकसमान गाइडलाइंस
- सीधे संपर्क से बचने के लिए प्रबंध
- क्वारंटीन में लोगों का प्रबंध
- होम क्वारंटीन को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना
- संदिग्ध और बुजुर्ग लोगों के लिए विशेष सावधानी पर जोर
- बिना किसी ट्रैवल हिस्ट्री के खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत वाले मरीजों का इलाज
- स्वास्थ्य कर्मचारियों के काम करने की शिफ्ट
- काम के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए छोटे ब्रेक का इंतजाम
- ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, जनरल वार्ड और ओपीडी के लिए पीपीई की व्यवस्था
- अस्पताल में कोरोना मरीज से डॉक्टर की सुरक्षा के लिए कानून की व्यवस्था
- स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए इंश्योरेंस
- अस्पताल सील करने की संख्या घटने पर जोर
- स्वास्थ्य कर्मियों के लिए क्वारंटीन की सुविधा
- सरकारी अस्पतालों में वित्तीय सहायता
- निजी स्वास्थ्य क्षेत्र को सहयोग देना
- किसी तरह के प्रहार से डॉक्टर और स्टाफ को सुरक्षा देना
- स्वास्थ्य कर्मचारियों को इंसेंटिव्स देना
- कोरोना से संक्रमित हुए स्वास्थ्य कर्मी के परिवार को मुआवजा देने पर जोर
मौजूदा हालात में चिकित्सा सेवा देने वालों को ये सुविधाएं देना बेहद जरूरी है। इस वायरस की वजह से अस्पतालों को सील किया जा रहा है, स्वास्थ्य कर्मी कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं और क्वारंटीन किए जा रहे हैं। जिसकी वजह से मेडिकल सुविधाओं के जर्जर हालत में आने की संभावना है। कोरोना लंबे समय तक रहने वाला है और इससे लड़ने के लिए हमें खुद को तैयार रखना होगा।
एचआईवी जैसी बीमारी के साथ लड़ने के लिए जितने व्यापक तरीके से स्वास्थ्य सुविधाओं का इस्तेमाल किया था वैसे ही कोरोना से लड़ने के लिए करना होगा।