बेटी का शव बुधवार शाम को एक नाले में मिला। सूचना पर बृहस्पतिवार सुबह मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के फोटोग्राफ लिए और चली गई। साथ ही उन्होंने बिना कोई मदद करे खुद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाने को कहा।
डोरा के मुताबिक वह बहुत ही गरीब है, और गाड़ी का खर्च नहीं उठा सकता। साथ ही चक्रवात और भूस्खलन से गांव को जाने वाली सड़क कई जगह टूटी हुई है। इसलिए उसने बोरे में शव को भरा और अस्पताल ले जाने लगा। वहीं इस मामले में गजपति जिलाधिकारी ने कहा कि वह इस मामले की जांच करा रहे हैं। साथ ही मृतक के पिता को मुआवजे के तौर दस लाख रुपये का चेक दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह से किसी को पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाना काफी दुखद है।
साल 2016 में घटी थी ऐसी घटना
साल 2016 में भी इस तरह की घटना सामने आई थी। इसमें कालाहांडी जिले सरकारी अस्पताल द्वारा गाड़ी न दिए जाने पर एक आदमी अपनी पत्नी के शव को दस किमी दूर तक कंधे पर रखकर ले गया था।