मिजोरम में विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद एक पूर्व आईपीएस अधिकारी किंगमेकर की भूमिका में आ सकता है। त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी के बाद तमाम निगाहें जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के अध्यक्ष और पार्टी से मुख्यमंत्री पद के दावेदार लालदुहोमा पर टिक गई हैं।
एग्जिट पोल में छह क्षेत्रीय दलों को लेकर गठित जेडपीएम को तीन से आठ सीटें तक मिलने की बात कही गई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि जेडपीएम को पांच सीटें मिलने की स्थिति में ही लालदुहोमा किंगमेकर बन सकते हैं। जेडपीएम की अहमियत को ध्यान में रखते हुए ही कांग्रेस और एमएनएफ, दोनों ही चुनाव प्रचार के दौरान जेडपीएम पर सीधा हमला करने से बचते रहे हैं।
कांग्रेस ने तो साफ कहा है कि तीसरी बार सरकार बनाने के लिए उसने समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ सहयोग का विकल्प खुला रखा है। एमएनएफ भी जेडपीएम को लुभाने में जुटी है। लेकिन लालदुहोमा ने साफ कहा है कि अब तक किसी ने उनके साथ संपर्क नहीं किया है। उनका दावा है कि उनकी पार्टी ही सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाएगी। लालदुहोमा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अंगरक्षक रह चुके हैं।