शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर का कोर्ट में बतौर सीजेआई आखिरी दिन था। 27 अगस्त को मुख्य न्यायाधीश खेहर का कार्यकाल खत्म हो रहा है। शक्रवार को अपने फेयरवेल कार्यक्रम में उन्होंने अपने माता-पिता, शिक्षक और वरिष्ठों को याद किया।
मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने इस साल 4 जनवारी को सीजेआई का पद संभाला था। उनका कार्यकाल भले ही छोटा रहा, लेकिन उन्होंने इस दौरान कई अहम फैसले सुनाए। उन्होंने अपने कार्यकाल में तीन तलाक और निजता का अधिकार जैसे दो महत्वपूर्ण फैसले सुनाए।
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फेयरवेल कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के जज के तौर पर जब मैने अपनी पहली सैलरी पाई थी, उस वक्त मेरे पिता की पेंशन मेरी सैलरी से ज्यादा थी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्वर्गवासी पिता को दिया। खेहर ने कहा कि मेरे पिता ने मुझे दृढ़ता और संकल्प का पाठ पढ़ाया था।
इस मौके पर उन्होंने अपनी मां को भी याद किया और उन्हें त्याग की मूर्ति बताया। साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चों की भी प्रशंसा की। बता दें कि जेएस खेहर ने केन्या से अपनी पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने अपना भाषण खत्म करते हुए अपने सीनियर और जूनियर जज को भी धन्यवाद कहा।