तिहाड़, लखनऊ, जोधपुर, कोलकाता और जम्मू-कश्मीर समेत देश के कई जेलों में करीब 300 पाक जासूस बंद हैं। वैसे सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह संख्या देश में पाक जासूसी नेटवर्क की बानगी भर है। 30 नवंबर 2010 को मेरठ से गिरफ्तार इस्लामाबाद निवासी कलाम उर्फ एजाज ने इस नेटवर्क में पाक के नए प्रयोगों के बारे में कई अहम खुलासा किया है।
एजाज को गिरफ्तार करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस एटीएस के अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि एजाज इस्लामाबाद के एक गरीब परिवार का लड़का है। वह वैध वीजा पर 2008 में भारत आया था।
यहां वह नाम और पहचान बदल कर बरेली के एक फोटो स्टूडियो में काम करने लगा। उसे बरेली में आर्मी और वायुसेना की गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसे सैन्य संचार कोड और टुकड़ियों की तकनीकी जानकारी की खास ट्रेनिंग दी गई थी। खास बात यह थी कि सुरक्षा एजेंसियों को पहली बार पता चला कि पाक जासूस अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड बनवा ले रहे हैं।