बीते चार महीनों में कोरोना वायरस का कोई भी नया म्यूटेंट सामने नहीं आया है। यह बहुत ही अच्छे संकेत हैं। इसके अलावा कोविड-19 हमले भी लगातार कम होते जा रहे हैं। यह बात भी सामान्य जनजीवन की ओर बढ़ रहे कदमों की ओर संकेत करती है, लेकिन हमें अभी भी कोरोना वायरस से बचाव वाले सभी प्रोटोकॉल का पालन करना है। देश जल्द ही 100 करोड़ वैक्सीन डोज का आंकड़ा छूने के बहुत करीब है। जबकि बच्चों के लिए वैक्सीन अब उपलब्ध हो चुकी है। पूरे विश्व में यह उपलब्धि भारत के लिए बहुत मायने रखती है। नेशनल कोविड-19 टीम के प्रमुख सदस्य और देश में कोविड टीकाकरण अभियान के मुखिया डॉ. एनके अरोड़ा ने अमर उजाला डॉट कॉम से विशेष बातचीत के दौरान इन सब बातों का जिक्र कर सामान्य होते हालात की चर्चा की।
जवाब: बीते चार महीने में कोई भी कोविड का नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। यह निश्चित तौर पर एक सुखद स्थिति है। लेकिन हमें अभी भी कोरोना से बचने के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल का पूरी तरीके से पालन करना है। क्योंकि देश के कुछ राज्यों में अभी भी कोविड के मामले सामने आ रहे हैं। रोजाना नए संक्रमित मरीज सामने मिल रहे हैं। त्यौहार का सीजन है। इसलिए लोगों को बहुत ही सतर्क रहने की आवश्यकता है।
जवाब: निश्चित तौर पर यह एक बड़ी उपलब्धि है। हमें इस पड़ाव तक पहुंचने में हमारी सबसे अधिक सहायता वैक्सीन आत्मनिर्भरता ने की है। हमने न सिर्फ वैक्सीन तैयार की बल्कि देश की एक बहुत बड़ी आबादी तक वैक्सीन पहुंचा कर कोरोना जैसी गंभीर महामारी से बचाने के सभी सफल प्रयास भी किए।
जवाब: हमारे देश में 94 करोड़ वयस्क लोगों की आबादी कोविड वैक्सीन के लिए पात्र है। कुछ राज्य तो ऐसे हैं जहां पर सौ फीसदी टीकाकरण हो चुका है। तो निश्चित तौर पर वैक्सीन की उपलब्धता और लोगों की जागरूकता बहुत है। टीके की उपलब्धता का आप अंदाजा ऐसे ही लगाइए कि अगले तीन महीनों में 70 से 80 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर सकते हैं।