रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिख कर सालों से अलग पेश होने वाले रेल बजट को आम बजट में शामिल करने को कहा है। प्रभु कई सालों से चली आ रही अलग रेल बजट पेश करने की परंपरा को बदलना चाहते है।
92 साल पुरानी इस परंपरा को बदलने के लिए उन्होंने वित्त मंत्री से कहा है कि वह आम बजट में ही रेल बजट को शामिल करें और आम बजट के साथ ही रेल बजट को भी पेश किया जाए। रेल मंत्री ने इस काम के लिए कई सुझाव भी दिए हैं।
खबरों की माने तो रेल मंत्री इस विषय को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्साहित है। मंत्री जी के उत्साह और उनकी तीव्र इच्छा को देखते हुए इस विषय पर जनता की राय जानने के लिए अमर उजाला ने पोल किया था। जिसमे हमने जनता से सवाल किया था कि क्या सुरेश प्रभु के इस प्रस्ताव से रेलवे की हालत सुधरेगी या नहीं। इस विषय पर लोगों ने कुछ ज्यादा ही गंभीरता से वोट किया। हमें प्राप्त वोटों में 66.36 प्रतिशत 1,075 लोगों का मानना है कि प्रभु के इस कदम से रेलवे की हालत में सुधार की सभावना बढ़ सकती है।
यानि आम बजट के साथ रेल बजट पेश किया जाए तो रेलवे की हालत को सुधारा जा सकता है। वहीं 467 यानि 28.83 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इस प्रस्ताव से रेलवे में कोई सुधार नहीं होने वाला यह पूरी तरह से एक बेवजह प्रस्ताव है। हमें प्राप्त वोटों में रेल मंत्री के इस प्रस्ताव पर 78 लोग की कोई राय नहीं है। यह लोग इस प्रस्ताव के बारे में कुछ नहीं सोचते।