सीबीआई ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में दो कारोबारियों के घरों और दफ्तरों की तलाशी ली है। इन पर आरोप है कि इन्होंने पूर्व वायु सेना प्रमुख एस पी त्यागी के भाई संजीव त्यागी और वकील गौतम खेतान के कथित रिश्वत के काले धन को सफेद करने में मदद की। नई तलाशी 31 अक्तूबर को ली गई।
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सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि इस बीच जांच एजेंसी ने विदेश मंत्रालय से स्विस-इटैलियन बिचौलिये गुइडो हैश्के को प्रत्यर्पण कर भारत लाने का आग्रह किया है। हैश्के इस मामले में आरोपी है। प्रवर्तन निदेशालय के रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के आधार पर बिचौलिये को हाल ही में इटली में गिरफ्तार किया गया। हालांकि बताया गया है कि दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि न होने के कारण इटली के कोर्ट ने उसे छोड़ दिया।
पहली सितंबर को इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने के बाद अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए एजेंसी ने कारोबारी सुनील कोठारी और एन के जैन के दिल्ली और कोलकाता स्थित तीन-तीन ठिकानों की तलाशी ली। एजेंसी को सैनिक फार्म स्थित कोठारी के घर और कंपनी ओम मेटल्स प्राइवेट लि. से तलाशी में 55.68 लाख रुपये नकद मिले। वहीं, जैन के कोलकाता स्थित घर से 29 लाख की नकदी मिली है।
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सौदे में 62 मिलियन यूरो की रिश्वत दी गई
सीबीआई ने 1 सितंबर को दाखिल आरोपपत्र में कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड सौदे को झटकने के लिए कंपनी ने 62 मिलियन यूरो की रिश्वत दी। सौदे के मुताबिक कंपनी को भारत को 3700 करोड़ रुपये के 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की आपूर्ति करनी थी।