एक ओर भारतीय राजनेता और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यह दावा करते हैं कि उनके राज्य की सड़के अमेरिकी सड़को से बेहतर हैं। वहीं दूसरी ओर भारत में कितने ही लोग सड़क दुर्घटना में अपनी जान गवां देते हैं।
सड़क दुर्घटना के चलते हर साल कितने ही लोगों की मौत होती है। सड़क दुर्घटना की बड़ी वजहों में से एक रोड पर मौजूद गड्ढे भी हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर रोज 6 लोगों की मौत सड़क के गड्ढों के कारण होती है। आंकड़ो पर नजर डाले तो यूके में पिछले साल जितनी मौते सड़क दुर्घटना में हुई है, उससे कहीं ज्यादा मौते 2016 में भारत में केवल गड्ढों के कारण हुई है।
गड्ढों के चलते मौत के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है, जबकि महाराष्ट्र दूसरे स्थान है। वहीं पिछले साल दिल्ली में एक भी मौत गड्ढों के कारण नहीं हुई है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पुलिस शायद ही कभी सड़क दुर्घटना के असल कारणों तक पहुंचने के लिए जांच करती है।
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पिछले साल सड़क दुर्घटना के जो आंकड़े जारी हुए थे उनमें गड्ढों के कारण मौत का कोई जिक्र नहीं था। ये आंकड़े दर्ज एफआईआर के आधार पर जारी किए गए थे। एक पुलिस अधिकारी ने निजी तौर पर बताया कि रोड बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ शायद की कोई केस दर्ज होता है।
रोड सेफ्टी एक्सपर्ट रोहित बालुजा का कहना है कि दिल्ली में रोड इंजीनियरों का मानना है कि एक फीसदी से भी कम सड़क दुर्घटनाएं इंजीनियरिंग फॉल्ट या खराब रखराख के कारण होती है। उन्होंने बताया कि आज हर कोई जल्द में रहता है और ऐसी सड़कों पर कोई भी चेतावनी का बोर्ड भी नहीं लगा होता है। इसलिए सड़क दुर्घटनाएं होती रहती है।