यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद पाकिस्तान के विपक्षी नेता इमरान खान की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को राष्ट्रीय संसद ने इस मामले की जांच के लिए उनके खिलाफ एक विशेष समिति बनाने का निर्णय लिया। खान के खिलाफ उनकी ही पार्टी की एक महिला सांसद ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के ठीक बाद शाहिद खाकन अब्बासी ने एक विशेष समिति गठित करने का आदेश दिया। यह समिति तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान के खिलाफ राष्ट्रीय संसद की सदस्य आएशा गुलालाई द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी।
गुलालाई का आरोप है कि 64 वर्षीय खान ने उन्हें भेजे संदेशों में उनसे शादी करने के लिए कहा जिसमें अश्लील संदेश भी शामिल थे। खान ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सत्ताधारी पीएमएल-एन ने गुलालाई को खरीद लिया है और उनका इस्तेमाल कर रही है।
दरअसल पीएमएल-एन नवाज शरीफ की पार्टी है, जिन्हें हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोप में उनके पद से हटा दिया गया और उप प्रधानमंत्री अब्बासी ने फिलहाल प्रधानमंत्री का पद संभाल लिया है।