फ्रांस के बियारेत्ज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात के बाद पाकिस्तान और बौखला उठा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इसी बैठक का इंतजार कर रहे थे और बैठक खत्म होते ही अपना आपा खो बैठे। उन्होंने परमाणु युद्ध तक की धमकी दे डाली। इसके साथ ही वह इस दौरान बालाकोट एयर स्ट्राइक की पुष्टि भी कर बैठे।
जनता को संबोधित करते हुए पीएम इमरान ने कहा कि अब भारत बालाकोट हमले जैसी हिमाकत नहीं कर सकता है। हम पीओके में पूरी तरह तैयारी के साथ बैठे हैं। हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं।
उनका ये बयान बताता है कि बालाकोट का गहरा जख्म अब भी उनके दिल में ताजा है। इस एयर स्ट्राइक में कई आतंकी मारे गए थे और यहां ट्रेनिंग ले रहे आतंकियों की कमर टूट गई थी।
बता दें कि भारतीय वायुसेना ने पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया था। इसमें कई आतंकी मारे गए थे। लेकिन पाकिस्तान ने इसे कभी माना ही नहीं। वह हमेशा कहता रहा कि ऐसे किसी हमले को अंजाम नहीं दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया जगत की आंखों में धूल झोंकने की भी उसने कोशिश की।
कुछ दिनों तक बालाकोट में मीडिया की एंट्री बैन रही, लेकिन वहां के हालात दुरुस्त करने के बाद पत्रकारों को यहां बुलाया गया और बताया गया कि इस तरह का कोई भी एयर स्ट्राइक नहीं हुआ है। भारत पर पाकिस्तान ने झूठ बोलने का आरोप लगाया। हालांकि, उसने अगले ही दिन एलओसी पर वायुसेना के हमले के जरिए जता दिया था कि उसे बालाकोट का कितना गहरा जख्म लगा है। लेकिन सार्वजनिक मंच पर उसने कभी स्वीकार नहीं किया कि ऐसा कोई एयर स्ट्राइक हुआ था।
इसे लेकर भारत में भी खूब राजनीति हुई थी और कई विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाते हुए सरकार से पूछा था कि वह बताए कि इसमें कितने आतंकी मारे गए हैं और ये किस तरह अंजाम दिया गया। लोकसभा चुनाव 2019 में भी यह प्रमुख मुद्दा बन गया था।