विद्यार्थियों के बीच भाषाई विविधता, सांस्कृतिक समझ के साथ बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुच्छेद 4.12 में बहुभाषा के लाभों को बताया गया है। अब सीबीएसई ने इसे अपनाते हुए इससे संबंधित सर्कुलर जारी किया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) छात्रों को सभी भारतीय भाषाओं में पढ़ाई करने का विकल्प उपलब्ध कराने जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड की ओर से संबंद्ध विद्यालयों को सर्कुलर जारी कर दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई के इस कदम की सराहना करते हुए बधाई दी है।
क्या कहा गया है सर्कुलर में?
सर्कुलर में सीबीएसई ने बताया है कि इन चुनौतियों को कम करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर से एनसीईआरटी में दर्ज 22 भाषाओं के माध्यम से नई पाठ्य पुस्तकें तैयार करने के निर्देश दे दिया गया है। यह काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को अनुसूची में दर्ज सभी 22 भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा जा सकें। सर्कुलर में कहा गया है कि भारतीय भाषाओं के माध्यम से शिक्षा को जमीनी स्तर पर साकार करना उठाए गए प्रमुख कदमों में से एक है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की सराहना
सीबीएसई की ओर से जारी इस सर्कुलर की केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सराहना की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अपने सभी विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा 12वीं तक भारतीय भाषाओं में शिक्षा का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए सीबीएसई को बधाई देता हूं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की परिकल्पना के अनुरूप यह विद्यालयों में भारतीय भाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देगा। शिक्षा में बेहतर परिणाम की दिशा में यह एक अच्छी शुरुआत है।