गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर कांग्रेस में मचे हंगामे के बीच कांग्रेस नेता राज बब्बर ने पार्टी के भीतर आजाद की आलोचना करने वालों पर कटाक्ष किया। राज बब्बर ने कहा कि एक पुरस्कार का महत्व तब होता है जब प्रतिद्वंद्वी पार्टी एक नेता की उपलब्धियों का सम्मान करती है, जबकि अपनी सरकार होने पर किसी को भी सम्मान मिल सकता है।
राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें
राज बब्बर की टिप्पणी उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों के बीच आई है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संभावित बदलाव के लिए वह समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं। बब्बर ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा, एक पुरस्कार का महत्व तब होता है जब प्रतिद्वंद्वी पार्टी किसी नेता की उपलब्धियों का सम्मान करती है। लोग किसी भी इच्छा को पूरा कर सकते हैं जब उनकी अपनी सरकार हो। मुझे लगता है कि पद्म भूषण के बारे में चल रही बहस अनावश्यक है।
बब्बर कांग्रेस के जी 23 नेताओं के समूह में शामिल
बब्बर कांग्रेस के जी 23 नेताओं के समूह में शामिल हैं जिन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस में एक संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी। मंगलवार शाम को पद्म पुरस्कारों की घोषणा के तुरंत बाद शुरू हुए विवाद के बीच आया जब कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आजाद पर निशाना साधा था। माकपा नेता बुद्धदेव भट्टाचार्य के पुरस्कार स्वीकार करने से इनकार करने के बाद जयराम ने आजाद पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि बुद्धदेब गुलाम नहीं आजाद बनना चाहते हैं।
23 नेताओं के समूह के कई सदस्यों ने कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की मांग करते हुए सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इन्होंने आजाद को पद्म भूषण से सम्मानित करने के लिए बधाई देते हुए कहा था कि वह इसके पूरी तरह योग्य हैं।