अमेरिका स्थित थिंक टैंक ग्लोबल फाइनेंशियल इंटेग्रिटी-2019 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को गलत चालानों से 90,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ और इसमें से अधिकांश चीन से आयात से जुड़ा है।
चीन से माल आयात करने में 16 हजार करोड़ रुपये की कर चोरी का मामला सामने आया है। कस्टम विभाग ने सितंबर से अब तक 32 भारतीय आयातकों को नोटिस भेजा है। कस्टम अधिकारियों ने अप्रैल, 2019 से दिसंबर, 2020 तक अंडर-इनवॉइसिंग के माध्यम से इसका पता लगाया है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में विशेष रूप से चीन से कम बिल के कई मामलों का खुलासा हुआ है। आयातित सामग्री के बिल की तुलना में भारत को चीन से निर्यात की सामग्री का बिल बहुत अधिक है। इन आयातित सामग्रियों में मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, गैजेट और धातु शामिल हैं।
सीमा शुल्क बचाने के लिए किया फर्जीवाड़ा
आमतौर पर आयातक सीमा शुल्क बचाने के लिए माल का कम मूल्य दिखाकर चालान बनवाते हैं। सरकार ने घरेलू उत्पादन प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सामान व मोबाइल फोन सहित अन्य वस्तुओं पर आयात शुल्क लगाया है। इससे बचने के लिए आयातक कम मूल्य के इनवाॅइस से कर चोरी करते हैं।
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2019 में 90 हजार करोड़ का नुकसान
अमेरिका स्थित थिंक टैंक ग्लोबल फाइनेंशियल इंटेग्रिटी-2019 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को गलत चालानों से 90,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ और इसमें से अधिकांश चीन से आयात से जुड़ा है।
भारत व चीन के आंकड़ों में अरबों का अंतर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 2022 के पहले नौ महीनों में 79.16 अरब डॉलर के सामान का आयात किया। वहीं, चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स ने दिखाया कि इसी अवधि में भारत को उसका निर्यात 89.99 अरब डॉलर था।