नोटबंदी का सबसे बुरा असर अब पड़ना शुरू होगा, जब इस साल नौकरियों में कटौती देखने को मिलेगी और तनख्वाह में भी बढ़ोतरी देखने को नहीं मिलेगी। रिसर्च फर्म एओएन हैविट के अनुसार इस साल के शुरूआती दो तिमाही में जॉब मार्केट में सबसे नकरात्मक असर देखने को मिलेगा।
नोटबंदी के बाद से ज्यादातर सेक्टर्स में नई नौकरियां नहीं निकल रही है और इसके अभी आगे तक जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही मार्च-अप्रैल में होने वाले इंक्रीमेंट पर भी कमी आ सकती है। नोटबंदी के बाद से कंपनियों के मालिक काफी सजग हो गए हैं।
लोग कम छोड़ेंगे नौकरियां
चूंकि इस बार बाहर भी नौकरियां कम रहेंगी, इसलिए इंप्लाई भी जहां पर हैं वहीं पर आगे भी काम करते रहेंगे। 2016 में जहां फिनटेक और डिजिटल पमेंट कंपनियों में जॉब मिलने के अवसर काफी ज्यादा रहे थे, वहीं इस साल के शुरूआती 6 महीनों में ऐसा बहुत कम देखने को मिलेगा।