लंबी जिंदगी जीने के लिए लोगों की सबसे ज्यादा मदद करने वाले डॉक्टरों पर मौत का साया मंडरा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की एक स्टडी के मुताबिक आम आदमी के मुकाबले डॉक्टरों की मौत जल्दी हो जाती है। ये आकंड़ा केरल के डॉक्टरों से जुड़ा है, जहां मलयाली 74.9 साल जीता है और एक डॉक्टर इसके मुकाबले सिर्फ 61.75 साल की जिंदगी ही पूरी कर पाता है।
ये रिपोर्ट 10 साल के शोध पर तैयार की गई है और इसका हिस्सा करीब 10 हजार डॉक्टरों को बनाया गया । 2007 से लेकर 2017 के बीच की गई स्टडी के दौरान करीब 282 डॉक्टरों की मौत हो गई, जिसमें 87 फीसदी पुरुष और 13 फीसदी महिलाएं थी। साथ ही 27 फीसदी हर्ट अटैक, 25 फीसदी कैंसर, 2 फीसदी संक्रमण और 1 फीसदी की अन्य कारणों से मौत हुई है।
आईएमए के रिसर्चर का कहना है कि डॉक्टर आम लोगों के मुकाबले जीवन को ज्यादा बेहतर ढंग से जीना जानते हैं इसके बावजूद उनकी मौत पहले हो जाना बेहद चौंकाने वाला है। डॉक्टरों की जल्दी मौत हो जाने पर आईएमए की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि आकंड़े में सरकारी ही नहीं प्राइवेट डॉक्टर भी शामिल हैं।
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आईएमए ने अपनी रिसर्च में इसके पीछे कई कारण पाए हैं, जैसे हद से ज्यादा काम, काम का बोझ और रोज तरह-तरह के मरीजों का सामना करना है। प्रदीप कुमार ने कहा कि इन कारणों की वजह से डॉक्टर दिल की बीमारी, डायबटिज और लक्वे जैसी घातक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। आईएमए केरल अब डॉक्टरों की रोजमर्रा जिंदगी और खाने की आदतों पर काम करने लगा है।