आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटि ने व्हीलचेयर को लॉन्च करते हुए कहा, नियोस्टैंड को दिव्यांगजनों की समस्याओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके माध्यम से दिव्यांगजन लंबे समय तक बैठ सकते हैं और जब चाहें आराम से खड़े हो सकते हैं।
अब दिव्यांगजनों को अपने काम के लिए किसी की मदद नहीं लेनी पड़ेगी। आईआईटी मद्रास के सेंटर फॉर रिहैबिलिटेशन रिसर्च एंड डिवाइस डेवलपमेंट की प्रोफेसर सुजाता श्रीनिवासन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों ने स्वदेशी इलेक्ट्रिक स्टैंडिंग व्हीलचेयर-नियोस्टैंड तैयार किया है। यह एक कॉम्पैक्ट स्टैंडिंग व्हीलचेयर है। इसके मोटराइज्ड स्टैंडिंग मैकेनिज्म के लिए नेविगेशन आसान बनाया गया है। व्हीलचेयर पर बैठा व्यक्ति एक बटन दबा कर आसानी से खुद खड़ा हो सकता है।
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90 हजार कीमत...
आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटि ने व्हीलचेयर को लॉन्च करते हुए कहा, नियोस्टैंड को दिव्यांगजनों की समस्याओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके माध्यम से दिव्यांगजन लंबे समय तक बैठ सकते हैं और जब चाहें आराम से खड़े हो सकते हैं। आईआईटी मद्रास के इनक्यूबेट स्टार्टअप नियोमोशन ने इसकी कीमत 90 हजार रखी है।