मुंबई पुलिस ने बुधवार को कहा कि आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे (20) की मौत के बाद दर्ज मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच के डीसीपी डिटेक्शन-I की देखरेख में एसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं।
मुंबई पुलिस के बयान में है?
मुंबई पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि साहिल वाकोडे की मौत के बाद पवई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। बाद में इस मामले को अपराध शाखा को डीसीबी सीआईडी सीआर नंबर 124/2026 के तहत स्थानांतरित कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने क्या बताया?
पुलिस अधिकारियों ने बताया, 'जांच का जिम्मा एसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपा गया है और डीसीपी डिटेक्शन-।, क्राइम ब्रांच की ओर इसकी बारीकी से निगरानी की जा रही है।' मुंबई पुलिस ने कहा कि मामले की जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से की जा रही है और इसमें सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से क्या अपील की?
पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की कि वे इस मामले में अटकलें लगाने, गलत जानकारी फैलाने या जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुंचने से बचें। बयान में कहा गया, 'मीडिया से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से दी गई जानकारी का ही पालन करें।' मुंबई पुलिस ने न्याय सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष और गहन जांच करने के अपने संकल्प को दोहराया।
बता दें कि मंगलवार को आईआईटी बॉम्बे के 20 वर्षीय बी. टेक छात्र साहिल वाकोडे के पिता ने अपने बेटे की मौत के मामले में एफआईआर में नामजद दो आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार सिर्फ निष्पक्ष जांच और न्याय चाहता है।
जांच के बीच प्रोफेसर डूला को छुट्टी पर भेजा
वहीं, आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला, जिनका नाम छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में सामने आया है। उन्हें चल रही जांच के बीच छुट्टी पर भेज दिया गया है। आईआईटी बॉम्बे ने 10 सदस्यों की हाईलेवल कमेटी भी बनाई है और एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इंस्टीट्यूट के छात्र वाकोडे की मौत के बाद डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जाति-आधारित भेदभाव जैसे आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में बीटेक के दूसरे साल के छात्र वाकोडे का शव 18 सितंबर की शाम को पवई कैंपस में उनके हॉस्टल के कमरे में लटका हुआ मिला था। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।