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आईआईटी बॉम्बे छात्र आत्महत्या: आजाद मैदान में साहिल के मां-बाप का धरना शुरू, पुलिस ने दी शाम 6 बजे तक की इजाजत

Mon, 28 Sep 2026 12:22 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

आईआईटी बॉम्बे के 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में उनके पिता रवींद्र वाकोडे पत्नी समेत आजाद मैदान में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला की गिरफ्तारी की मांग की है। मुंबई पुलिस की ओर से दंपती को शाम 6 बजे तक के लिए प्रदर्शन की अनुमति दी गई है।
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आईआईटी बॉम्बे के छात्र की आत्महत्या का मामला गरमाया - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के पिता रवींद्र वाकोडे अपने बेटे को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन शुरू कर दिया। मुंबई पुलिस ने उन्हें शाम छह बजे तक प्रदर्शन की अनुमति दी है।
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रवींद्र वाकोडे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की मौत के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा मिलने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। रवींद्र ने एक दिन पहले कहा था कि उन्हें गिरफ्तारी की भी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह सांविधानिक तरीके से अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।

18 सितंबर को हुई थी साहिल की मौत
साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे में दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर की शाम उन्हें संस्थान के हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था। यह घटना उस समय हुई जब परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन और चैटजीपीटी के इस्तेमाल को लेकर उन्हें पकड़े जाने की बात सामने आई थी। घटना के बाद से ही उनके परिवार और छात्रों की ओर से पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है।
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परिवार ने लगाए जातिगत भेदभाव के आरोप
साहिल के माता-पिता ने संस्थान में अपने बेटे के साथ जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है। आईआईटी बॉम्बे ने पहले कहा था कि साहिल की ओर से संस्थान के एससी-एसटी सेल या प्रशासन के सामने ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। एफआईआर में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम भी सामने आया है। संस्थान ने जांच को निष्पक्ष बनाने के लिए उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी से हटाया है और बाद में उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर भी घटनाक्रम सामने आया है।

आईआईटी बॉम्बे ने बनाई थी जांच समिति
साहिल की मौत के कारणों और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ने 10 सदस्यीय समिति गठित की है। हालांकि, छात्रों के एक वर्ग ने मौजूदा जांच समिति पर सवाल उठाते हुए इसे दोबारा गठित करने और बाहरी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

26 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने साहिल की मौत को लेकर कैंडल मार्च भी निकाला। छात्रों ने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।

छात्रों और अन्य संस्थानों से भी मिला समर्थन
साहिल वाकोडे के मामले में आईआईटी बॉम्बे के छात्रों के अलावा दूसरे प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्र संगठनों ने भी परिवार के समर्थन में आवाज उठाई है। छात्र संगठनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
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