आईआईटी बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे, जिनकी कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई थी, के पिता को आजाद मैदान में अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने की इजाजत नहीं दी गई। उनके वकील ने शनिवार को जानकारी दी कि इसके बाद उन्होंने संस्थान के पवई कैंपस जाने की योजना बनाई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब आईआईटी बॉम्बे के छात्रों के एक समूह ने साहिल की मौत को लेकर अपना आंदोलन तेज कर दिया है। उन्होंने संस्थान प्रशासन से जवाबदेही की मांग करते हुए शुक्रवार से भूख हड़ताल शुरू की है।
ये भी पढ़ें: प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड: शिवसेना नेता के परिवार ने भाजपा नेताओं से की मुलाकात, सीएम फडणवीस से क्या की मांग?
वकील ने क्या बताया?
परिवार के वकील के मुताबिक पुलिस ने रवींद्र वाकोडे को आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी है और अब वे आईआईटी बॉम्बे जाने की योजना बना रहे हैं। वाकोडे दंपत्ति ने पिछले हफ्ते ही अपने दिवंगत बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और आईआईटी-बी के निदेशक शिरीष केदारे की गिरफ्तारी की मांग करते हुए भूख हड़ताल शुरू की थी।
22 वर्षीय बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे 18 सितंबर को अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके पाए गए थे। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी। उनके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उसे संस्थान में जाति-आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ा था।
क्या है आरोप?
रवींद्र वाकोडे की शिकायत के बाद पवई पुलिस ने प्रोफेसर डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इस बीच, वाकोडे परिवार ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, पार्टी की शहर इकाई की प्रमुख वर्षा गायकवाड़ और पार्टी के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की और मामले पर चर्चा की।
ये भी पढ़ें: केरलम: नौ साल की बच्ची के पेट में रहता था दर्द, सर्जरी के बाद जो निकला उसे देख डॉक्टर भी रह गए हैरान
प्रोफेसर डूला से 10 घंटे चली पूछताछ
गुरुवार को, मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर डूला से लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने साहिल के माता-पिता, साथी छात्रों और आईआईटी हॉस्टल के कर्मचारियों सहित करीब 40 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही मृतक छात्र के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।