इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) अब विदेशों में भी कैंपस खोल सकेंगे। क्योंकि आईआईएम बिल 2017 में सरकार ने विदेशों में कैंपस खोलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि विदेशों में कैंपस खोलने से पहले आईआईएम को उक्त देश (जिस देश में कैंपस खोलने जा रहे हैं) के शिक्षा नियमों और केंद्र सरकार के विदेश में कैंपस खोलने के नियमों का पालन करना जरूरी है।
मंत्रालय अधिकारियों के मुताबिक, मोदी सरकार की कैबिनेट के बाद संसद में आईआईएम बिल 2017 पास होने के बाद देशभर के सभी आईआईएम को विदेश में कैंपस खोलने की अधिकृत मंजूरी मिल जाएगी। आईआईएम विदेशों में अपना कैंपस खोलते हुए परीक्षा आयोजित करने से लेकर पढ़ाई भी करवा सकेंगे।
विदेश में कैंपस खोलने के फैसले से इंटरनेशनल वर्ल्ड क्लास रैकिंग में भी आईआईएम का रैंक और अधिक सुधरेगा। क्योंकि विदेश में कैंपस खोलने की मंजूरी के साथ ही आईआईएम डिप्लोमा की बजाय मैनेजमेंट की डिग्री देने में सक्षम होंगे। इसके अलावा विदेशों में रह रहे भारतीय या विदेशी भी आईआईएम कैंपस में मैनेजमेंट डिग्री लेने में दिलचस्पी लेंगे। फिलहाल अभी डिप्लोमा के चलते विदेशी छात्र या विदेशों में बसे भारतीय आईआईएम में दाखिला लेने से कतराते हैं। क्योंकि उन्हें आईआईएम में मैनेजमेंट की पढ़ाई के पर डिप्लोमा के बाद भी विदेश में जाकर एक अन्य परीक्षा पास करनी होती है।