पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि देश में रहना है, तो वंदे मातरम, जनगण मन बोलना पड़ेगा। इसके आगे उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो 26 जनवरी और 15 अगस्त का सम्मान करना होगा।
उन्होंने आगे कहा ‘हर स्कूल में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य हो गया है। यह भारतीय संस्कृति है। यह सनातन संस्कृति है। भारत को हिंदुस्तान और इंडिया दोनों के नाम से जाना जाता है। यह देश किसी और के हाथ में नहीं जा सकता।’
यह भी पढ़ें- Kerala: जी सुधाकरण का विवादित बयान, बुद्धिजीवियों को बताया राजनीतिक दलों का तलवा चाटने वाला, छिड़ी नई बहस
वंदे मातरम् गीत गाना अनिवार्य
यह भी पढ़ें- Stray Dogs: अहमदाबाद में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए नगर निगम का अभियान, 1050 संस्थानों का सर्वे पूरा
अब तक राज्य के स्कूलों में गाए जाता था राष्ट्रगान
शुभेंदु सरकार के इस फैसले से पहले राज्य के स्कूलों में मुख्य रूप से राष्ट्रगान जन-गण-मन गाया जाता था, जिसे गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में राज्य की पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध के दौरान टैगोर द्वारा लिखे गए ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ को राज्य गीत के रूप में शामिल किया था। वहीं, अब नए सरकार के फैसले के अनुसार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् भी प्रार्थना सभा का स्थायी हिस्सा बनेगा।