| पद | नियुक्त नेता |
|---|---|
| नेता प्रतिपक्ष | शोभनदेब चट्टोपाध्याय |
| उपनेता प्रतिपक्ष | आशीमा पात्रा, नैना बंदोपाध्याय |
| चीफ व्हिप | फिरहाद हकीम |
पार्टी ने वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही आशीमा पात्रा और नैना बंदोपाध्याय को उपनेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। वहीं कोलकाता के पूर्व मेयर और वरिष्ठ टीएमसी नेता फिरहाद हकीम को चीफ व्हिप की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई हैसी ने भी अपने नेताओं को औपचारिक मान्यता देने की मांग की है।
शोभनदेब चट्टोपाध्याय को पहले ही मिले संकेत?
पार्टी ने पत्र में दावा किया कि 15 मई 2026 को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के दौरान शोभनदेब चट्टोपाध्याय को व्यवहारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष के तौर पर स्वीकार किया जा चुका था। टीएमसी का कहना है कि स्वागत भाषण के दौरान स्पीकर ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष मानते हुए बोलने का मौका दिया था। इसी को आधार बनाकर पार्टी अब औपचारिक घोषणा चाहती है।
क्या हस्ताक्षर विवाद के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव?
यह नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष से जुड़े दस्तावेजों में कथित हस्ताक्षर गड़बड़ी को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल सीआईडी कर रही है। ऐसे में टीएमसी की ओर से नई नियुक्तियों का एलान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।