फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

500 रुपये के उपहार की जानकारी सरकार को जरूर दें, नहीं तो धो बैठेंगे नौकरी से हाथ

Tue, 25 Aug 2020 04:09 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
मंत्रालय भवन, वल्लभ भवन, भोपाल - फोटो : File
विज्ञापन

अगर आप सरकारी नौकरी कर रहे हैं और आपको आपके रिश्तेदार या दोस्त से पांच सौ रुपये का उपहार मिला है तो इसे सबसे पहले सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराएं, नहीं तो ये आप पर ही भारी पड़ सकता है। अगर ऐसा नहीं किया तो आपकी नौकरी जा सकती है। इस नई व्यवस्था ने 44 सालों से सरकारी नौकरी करने वालों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

विज्ञापन



सरकार ने शासकीय सेवकों के लिए 1976 में आचरण नियम बनाए हैं। इन नए नियमों के मुताबिक कर्मचारियों को नौकरी के दौरान छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। शासकीय सेवक नियम के आधार पर यह साफ है कि बिना शासक के मंजूरी के कोई उपहार नहीं स्वीकार किया जाएगा। 

हालांकि सरकार की ओर से पांच सौ रुपये की राशि बढ़ाकर पांच हजार करने की कवायद चल रही है लेकिन रिकॉर्ड्स में अभी भी पुरानी राशि दर्ज है। शासकीय सेवकों को लेकर कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कर्मचारी रिटायर तो हो गए लेकिन उनको उपहार के लिए मंजूरी नहीं मिली। 
विज्ञापन


स्वास्थ्य सेवाओं से सेवानिवृत्त अजय माथुर का कहना है कि उन्होंने 16 जनवरी 2015 में रिश्तेदार से मिले उपहार के लिए अनुमित मांगी और 2019 में वो रिटायर हो गए लेकिन सेवा में रहते उन्हें इस उपहार के लिए मंजूरी नहीं मिली। इसके अलावा स्वास्थ्य से रिटायर आशालता बताती हैं कि 1,000 रुपये राशि की साड़ी मायके से उपहार में मिली लेकिन मंजूरी के लिए जवाब नहीं मिला।

विवाह की सालगिरह, धार्मिक कार्यक्रमों जैसे मौकों पर पहले या दूसरे अधिकार श्रेणी का अधिकार नजदीकी रिश्तेदारों से पांच सौ रुपये तक उपहार ले सकता है लेकिन इसके बारे में सरकार को जानकारी देनी होगी। जबकि तीसरी श्रेणी के कर्मचारियों के लिए यह राशि 250 रुपये है और चौथी श्रेणी के लिए ये 100 रुपये है।

साल 1976 में शासकीय सेवकों को लेकर आचरण के नियम बने थे, तब से लेकर अबकर 3,200 से ज्यादा कर्मचारियों ने उपहार लेने से पहले सरकार से अनुमति ली, लेकिन साल 2000 के बाद 340 मामले ऐसे हैं जिसमें सरकार ने आपत्ति दर्ज करा दी।

सरकार को उपहार की राशि बढ़ाने पर विचार करना चाहिए और नियमों का सख्त पालन करना चाहिए। अगर सरकार उपहार की राशि बढ़ा रही है तो उसे सार्वजनिक करें ताकि कर्मचारियों को छोटी-छोटी बातों के लिए परेशान ना होना पड़े। बता दें कि उपहार संबंधी नियमों में समय-समय पर संशोधन हुए हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें