हाईकोर्ट में अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल की जमानत का विरोध करते हुए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि अगर उसे जमानत दी गई तो वह गवाहों और मामले से जुड़े साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है।
जांच एजेंसी ने मिशेल की जमानत याचिका के विरोध में लिखित दलीलें कोर्ट में पेश कीं। मिशेल को 2018 में गिरफ्तार किया गया था। वह पांच जनवरी, 2019 से न्यायिक हिरासत में जेल में है।
न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने जांच एजेंसियों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को तय की है। एजेंसियों ने अपनी अर्जी में कहा है कि मिशेल को बेहद मुश्किलों के बाद भारत लाया गया है और अगर उसे जमानत दी गई तो उसके विदेश भाग जाने की आशंका है।
एजेंसियों ने कहा है कि मिशेल का प्रभावी और शक्तिशाली लोगों के साथ करीबी संबंध है और उसकी पहुंच नौकरशाही और विधायिका तक है। उन्होंने कहा यह बात रिकॉर्ड पर है कि आवेदक का ब्रिटिश उच्चायोग में प्रभाव है।
निचली अदालत ने मिशेल को घूस तथा मनी लांड्रिंग के मामलों में जमानत देने से इंकार कर दिया था। उसने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है।