राज्यसभा में पहुंचने के लिए कांग्रेस नेताओं ने जोड़तोड़ शुरू कर दी है। अप्रैल में कांग्रेस शासित राज्यों छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश से कुल आठ सीटें खाली हो रही हैं। इन पर पांच से छह नेताओं को राज्यसभा भेजा जा सकता है।
छत्तीसगढ़ के बाद राजस्थान ने भी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को राज्यसभा भेजने की पेशकश की है। हालांकि प्रियंका के करीबियों का कहना है कि वह उत्तर प्रदेश पर ही फोकस रखना चाहती हैं।
राजस्थान और मध्यप्रदेश से तीन-तीन और छत्तीसगढ़ से दो सीटों पर चुनाव होने हैं। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक छत्तीसगढ़ की दोनों सीटें जीतने की पूरी संभावना है जबकि एक साथ चुनाव कराए जाने की स्थिति में राजस्थान और मध्यप्रदेश से दो-दो सीट जीतना पक्का है। विधायकों के प्राथमिकता के आधार पर वोटिंग से नफा-नुकसान हो सकता है।
जिन नेताओं को राज्यसभा भेजा जाना है उनमें महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल हैं जो लोकसभा का चुनाव नहीं लड़े थे। वहीं, लोकसभा चुनाव हारने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस कोशिश में हैं।
पार्टी के सभी पदों का छोड़ने वाले सिंधिया मध्य प्रदेश में सक्रियता बनाए हैं। मध्यप्रदेश से दिग्विजय सिंह का नाम है लिहाजा उनकी कोशिश भी अपनी सीट बरकरार रखने की होगी।
राजस्थान से रिटायर होने वाले तीनों सदस्य भाजपा के श्रीराम नारायण, विजय गोयल और नारायण लाल पंचारिया हैं। राजस्थान से कांग्रेस के दो उम्मीदवार जीत सकते हैं। बिहार और दिल्ली के कार्यकारी प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल भी राज्यसभा जाने नेताओं की सूची में हैं। झारखंड में पार्टी को जिताने वाले आरपीएन सिंह को राज्यसभा सीट का पुरस्कार मिल सकता है।