कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में विधि छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा के वकील राजू गांगुली ने चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि मोनोजीत के शरीर पर नाखूनों की खरोंच नहीं बल्कि लव बाइट का निशान मिला है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अदालत से उन्होंने पीड़िता का फोन जब्त कराने और फोरेंसिक को भेज कर उसकी जांच कराने की मांग की है।
आरोपी के वकील का चौंकाने वाला दावा
मोनोजीत मिश्रा के वकील राजीव गांगुली ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने मोनोजीत से मुलाकात की। जब मैंने उनसे पूछा कि ऐसा क्या हुआ जो उनपर इतने गंभीर आरोप लगे हैं। इस पर मोनोजीत ने कहा कि हर कोई उनको खलनायक बना रहा है। इस पर जब मैंने पूछा कि बताया जा रहा है कि उनके शरीर पर नाखून की खरोंच के कई निशान पाए गए हैं, इस पर मोनोजीत ने अपनी शर्ट उतारकर मुझे दिखाया। इस दौरान जब मैंने उनसे गर्दन पर एक निशान के बारे में पूछा कि यह क्या है? इस पर उसने बताया कि ये लव बाइट है। इसके बाद मैंने पूछा कि यह कैसे हुआ। इस पर जब तक वह कुछ बताते तब तक पुलिस उन्हें ले गई। राजीव गांगुली ने बताया कि मुझे मोनोजीत के शरीर पर नाखून से खरोंच के कोई निशान नहीं मिले। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अभियोजन पक्ष ने नाखून की खरोंच का दावा किया है तो उसे लव बाइट के बारे में भी बताना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। गांगुली ने कहा कि अगर दुष्कर्म हुआ हो तो उसमें आरोपी के शरीर पर लव बाइट के निशान नहीं होंगे।
बता दें कि मोनोजीत के वकील का यह बयान तब आया है जबकि मेडिकल जांच में मोनोजीत के शरीर पर नाखून से खरोंच के निशान पाए जाने की बात कही गई है।
पीड़िता के बयान को लेकर किया ये दावा
इस दौरान आगे बोलते हुए राजीव गांगुली ने दावा किया कि पीड़िता के बयान में भी काफी विसंगतियां है। जो मामले को और घुमा रही हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अदालत से कहा है कि पुलिस ने केवल आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं, ऐसे में पीड़िता का फोन भी जब्त किया जाना चाहिए और फोरेंसिक को भेज कर उसकी जांच कराई जानी चाहिए। इसके अलावा, घटना के समय और उसके बाद पीड़िता के कॉल रिकॉर्ड को भी अदालत के सामने लाया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि मामले में रिकॉर्ड देखने के बाद मुझे लगता है कि शायद यह दुष्कर्म का मामला नहीं है। हालांकि मैं किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा हूं।
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25 जून को हुई थी वारदात
इससे पहले 24 साल की लॉ की छात्रा के साथ 25 जून को कोलकाता के कस्बा इलाके के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया था। कॉलेज के 31 वर्षीय पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा को मामले के मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 19 साल जैब अहमद और 20 साल के प्रमित मुखोपाध्याय के रूप में पहचाने गए दो छात्र और एक सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया है।
मनोजीत ने दुष्कर्म किया, अहमद और प्रमित ने रिकॉर्ड किया
इससे पहले अपनी शिकायत में छात्रा ने कहा था कि उस पर हमले से पहले उसे घबराहट का दौरा (पैनिक अटैक) पड़ा था। इस दौरान मनोजीत ने अन्य आरोपियों में से एक से उसके लिए इनहेलर लाने को कहा था। पीड़िता ने इनहेलर का इस्तेमाल किया और उसे कुछ बेहतर महसूस हुआ। इसके बाद उसने दरिंदों के चंगुल से भागने की कोशिश की, लेकिन वे उसे सुरक्षा गार्ड के कमरे में घसीटा ले गए और कथित तौर पर मनोजीत ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि अहमद और प्रमित ने इस कुकृत्य को रिकॉर्ड किया।
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