जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस की ओर से गुरुवार को सुनाए गए फैसले को पाकिस्तान ने मानने से इंकार कर दिया है। इंटरनैशनल कोर्ट के फैसले केवल तब तक ही मान्य होते हैं जब तक फैसले से जुड़े देश उस फैसले का पालन करना चाहें। जाधव को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाई गई है।
आईसीजे के फैसले के बाद पाकिस्तान के सामने 'आगे कुआं और पीछे खाई' जैसी स्थिति खड़ी हो गई थी। पाकिस्तान में सेना को काफी ताकतवार माना जाता है, अगर सरकार कोर्ट के फैसले को मान लेती तो उसे घर पर ही मुंह की खानी पड़ सकती थी। हालांकि भारत के पास अभी भी कई विकल्प हैं जिनके जरिए जाधव की फांसी को टाला जा सकता है।
आइए जानते हैं उन विकल्पों के बारे में जो भारत के लिए इस मामले में अहम योगदान दे सकते हैं-
सुरक्षा परिषद सबसे बड़ा विकल्प
भारत के पास सबसे पहला विकल्प सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे को ले जा सकता है। जिस तरह पाकिस्तान में आनन फानन में कुलभूषण के खिलाफ मुकदमा चलाकर सालभर में ही उसे फांसी की सजा सुना दी गई उससे इस मामले की पूरी कानूनी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पाकिस्तान ने भारत की मांग पर भी उसके राजनयिकों को कुलभूषण से मिलने की इजाजत नहीं दी थी न ही कोई पर्याप्त कानूनी मदद मुहैया कराई गई। जिसकी वजह से मामले में न्याय के प्राकृतिक सिद्धांतों का भी उल्लंघन होता दिख रहा है। ऐसे में भारत इस मुद्दे को मजबूती के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा सकता है।