भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) के प्रमुख वाई सुदर्शन राव अपने पद से इस्तीफा देने के करीब चार महीने बाद भी संस्थान के प्रमुख बने हुए हैं। इसकी वजह यह है कि मानव संसाधन मंत्रालय अब तक उनके इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं ले सका है।
मंगलवार को वह आईसीएचआर के स्थापना दिवस पर होने वाले एक व्याख्यान की अध्यक्षता करने वाले हैं। इस बारे में राव ने कहा है कि उनके इस्तीफे के संबंध में मंत्रालय की ओर से कोई जवाब नहीं आया, तो उन्होंने अपना काम जारी रखा। उन्होंने बताया कि वह 29 मार्च के व्याख्यान के सिलसिले में एक बैठक भी कर रहे हैं। आईसीएचआर की वेबसाइट के मुताबिक, 29 मार्च को स्थापना दिवस पर प्रख्यात इतिहासकार सतीश चंद्र मित्तल व्याख्यान देंगे और राव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
गौरतलब है कि अपने 16 महीने के कार्यकाल के बाद येल्लापरागाडा सुदर्शन राव ने ‘निजी कारणों’ का हवाला देते हुए बीते साल नवंबर में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि स्मृति ईरानी के नेतृत्व वाले मानव संसाधन मंत्रालय ने अब तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई थी। इस्तीफे के वक्त खबरें आई थीं कि मंत्रालय की ओर से प्रति माह तय किया गया 1.5 लाख रुपये का मानदेय नहीं दिए जाने से राव नाराज थे। हालांकि राव ने महज इतना कहा था कि उन्होंने इस्तीफा भेज दिया है और मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।