पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। जानकारी के मुताबिक करीब 25 साल पहले, जब 1991 में उनकी सरकार बनी तो विशेष आर्थिक सुधार के लिए उन्होंने खास योजना बनाई।
उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) से उन मंत्रियों और सांसदों की लिस्ट मांगी जो विशेष आर्थिक सुधार के खिलाफ थे। इसके जवाब में आईबी ने उन्हें विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी। आईबी ने राज्यसभा और लोकसभा के उन सांसदों की लिस्ट तत्कालीन प्रधानमंत्री राव को दी जो कांग्रेस के होते हुए भी रिफॉर्म्स के खिलाफ थे।
रिपोर्ट से साफ है कि राव सरकार ने 4 बड़े आर्थिक सुधार पर ध्यान दिया। ये सुधार थे:-
1- व्यापार और वाणिज्य के उदारीकरण, उद्योग के विनियंत्रण
2- बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रवेश उदार, विदेशी निवेश
3- सार्वजनिक क्षेत्र के कमजोर पड़ने पर निजीकरण
4- उर्वरक सब्सिडी और कृषि नीति में उदारीकरण