फाइटर पायलट बनने का अनुभव रोमांचकारी और संतोषजनक रहा है। लड़ाकू विमान उड़ाने का प्रशिक्षण कठिन था। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे अपने पुरुष सहयोगियों की तरह ही प्रशिक्षित किया गया है।
महिला दिवस के मौके पर IAF की पहली महिला राफेल फाइटर पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने इस मौके पर कहा कि फाइटर पायलट बनने का अनुभव रोमांचकारी और संतोषजनक रहा है। लड़ाकू विमान उड़ाने का प्रशिक्षण कठिन था। तकनीकी तन्मयता के लिए आवश्यक है कि मैं कड़ी मेहनत करूं। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे अपने पुरुष सहयोगियों की तरह ही प्रशिक्षित किया गया है।
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वहीं, भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नौसेना भी महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने में लगी है। हाल ही में नौसेना में भी महिला अधिकारियों को युद्धपोतों पर तैनात करना शुरू किया गया है। बल में उनके लिए और रास्ते खोले जा रहे हैं। इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि कमांडर प्रियंका चौधरी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर रसद अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
जानें शिवांगी के बारे में
शिवांगी सिंह बनारस की रहने वाली हैं। वे आईएएफ में 2017 में शामिल हुईं। शिवांगी राफेल उड़ाने से पहले मिग-21 विमान उड़ा चुकी हैं। उन्होंने विज्ञान में स्नातक करने के दौरान ही एयर एनसीसी जॉइन किया था। शिवांगी सिंह ने सबसे पहले बीएचयू में विमान उड़ाने की ट्रेनिंग ली थी। उनके नाना भी भारतीय सेना से थे, उन्हीं से शिवांगी सिंह को प्रेरणा मिली और वह भी देश की सेवा करने के लिए वायुसेना मे भर्ती हो गईं। वह इस साल 26 जनवरी की परेड में भी शामिल हुईं थीं.