वायुसेना प्रमुख ने कहा, हमें ज्यादा क्षमतावान व युवा विमान चालक तैयार करने के साथ ही उन्हें बेड़े में जल्द व ज्यादा प्रभावी ढंग से लाना होगा। सीखने के पारंपरिक वातावरण में लंबे वक्त में होने वाली प्रगति से आगे सोचना होगा।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने शनिवार को कहा कि ज्यादा क्षमतावान और युवा विमान चालक तैयार करना समय की जरूरत है। इसके लिए सीखने के पारंपरिक वातावरण और प्रशिक्षण दोनों ही मौजूदा सीमाओं से आगे ले जाने होंगे। ताम्ब्रम स्थित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल (एफआईएस) की प्लेटिनम जुबली पर वायुसेना स्टेशन में हुए परिसंवाद में उन्होंने ये बातें कहीं।
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वायुसेना प्रमुख ने कहा, हमें ज्यादा क्षमतावान व युवा विमान चालक तैयार करने के साथ ही उन्हें बेड़े में जल्द व ज्यादा प्रभावी ढंग से लाना होगा। सीखने के पारंपरिक वातावरण में लंबे वक्त में होने वाली प्रगति से आगे सोचना होगा।
इसके बजाय विद्यार्थी-केंद्रित मॉडल पर आना होगा, जिसमें सीखना और क्षमता विकास हर व्यक्ति की जरूरतों के अनुसार किया जाए। अब वह समय नहीं रहा, जहां एक ही मॉडल सब पर फिट किया जाता था।
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अग्रणी तकनीक, नए अवसर
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि नई अग्रणी तकनीकों को उड़ान क्षेत्र में अपनाने के साथ ही हमारे लिए नए अवसर सामने आ रहे हैं, इनका फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने ऐसे संगठन की जरूरत बताई जो नई बाहरी जानकारियों का महत्व समझे, उन्हें अपनाए और काम में सफलता के लिए उपयोग करे। इसमें एफआईएस की अहम भूमिका है। इस आयोजन में वायुसेना स्टेशन पर ट्रेनर एयरक्राफ्ट व हेलिकॉप्टरों द्वारा शानदार फ्लाई पास्ट भी किया गया।