भारतीय वायुसेना अमेरिकन एफ-16 और स्वीडन साब ग्रिपेन लड़ाकू विमान के ट्रायल टेस्ट कर सकती है। दरअसल वायुसेना 120 लड़ाकू विमान का निर्माण मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत करने वाली है और इसके लिए एक विदेशी सहयोगी तलाश रही है। इस डील की कुल लागत 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये है।
भारतीय वायुसेना के सूत्रों ने बताया कि सात साल पहले भारतीय वायुसेना ने 126 एम- एमआरसीए लड़ाकू विमान खरीदने के लिए दो विमानों का व्यापक परीक्षण किया गया था। मेल टूडे की रिपोर्ट के अनुसार वायुसेना के अधिकारी ने बताया कि सात साल पहले हमें दो विमानों का चुनाव किया था। अब मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत हम उन विमानों का ही परिक्षण किया जाएगा जो इन विमानों से बेहतर होंगे।
सूत्रों की मानें तो एम-एमआरसीए ट्रायल के दौरान, एफ- 16 विमान को नहीं चुना गया था, क्योंकि वह तय मानकों पर खरा नहीं उतरा था। जबकि साब ग्रिपेन एयरक्राफ्ट में आधुनिक रडार एईएसए ना होने के कारण इसे रिजेक्ट कर दिया गया था।