IAF chief AP Singh Statement: वायुसेना प्रमुख ए.पी. सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में वायुशक्ति एक प्राथमिक प्रतिक्रिया देने वाली और निवारक शक्ति के रूप में उभरी। कम समय के इस तीव्र अभियान में सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व का बेहतर तालमेल दिखा।
भारतीय वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के सफल संचालन में वायुशक्ति एक प्राथमिक प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति और प्रभावी निवारक के रूप में उभरी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान ने यह दिखा दिया कि संकट के समय वायुसेना कितनी तेजी और सटीकता से कार्रवाई कर सकती है।
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एयर चीफ मार्शल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भले ही समय के लिहाज से छोटा रहा, लेकिन इसकी तीव्रता बहुत अधिक थी। इस अभियान में सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला, जिससे निर्णय तेजी से लिए गए और उन्हें प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा गया।
प्राथमिक रिस्पॉन्डर के रूप में वायुसेना
उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने यह स्थापित किया कि किसी भी उभरते खतरे के सामने वायुसेना सबसे पहले प्रतिक्रिया देने और दुश्मन को रोकने की क्षमता रखती है। वायुशक्ति की यही भूमिका देश की सुरक्षा नीति को मजबूती देती है और संभावित शत्रुओं के लिए कड़ा संदेश भी होती है।
भविष्य की तैयारी पर जोर
आगे की रणनीति पर बात करते हुए वायुसेना प्रमुख ने स्वदेशीकरण, अनुसंधान एवं विकास, संयुक्तता और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी आत्मनिर्भरता और साझा संचालन क्षमता को और मजबूत करना होगा।
मेहर सिंह की विरासत को किया याद
यह संबोधन चंडीगढ़ स्थित एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित पहले एयर कमोडोर मेहर सिंह मेमोरियल टॉक के दौरान दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वायुसेना के महान अधिकारी एयर कमोडोर मेहर सिंह की विरासत और योगदान पर विचार करना था।
वीरता और नेतृत्व की मिसाल
एयर कमोडोर मेहर सिंह ने 1947-48 के भारत-पाक युद्ध में जम्मू-कश्मीर की रक्षा में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी असाधारण वीरता और नेतृत्व के लिए उन्हें 1950 में महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। इतिहासकार अंचित गुप्ता ने उनके जीवन और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।