रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने कहा है कि वह बहुत ही कड़े मोलभाव करने वाले हैं और फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए कम से कम कीमत देना चाहते हैं। उन्हें देश के लिए धन बचाने दिया जाए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राफेल सौदे को ध्यान में रखकर अगले वित्तीय वर्ष में पर्याप्त धन रख गया है।
परिकर से सवाल किया गया था कि इस डील पर अब तक हस्ताक्षर क्यों नहीं किए गए हैं। परिकर से जब वायुसेना की विमान की जरूरत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में जानते हैं।
एक अच्छा खरीददार अपनी कमजोरी को उजागर नहीं करता। वह उसे छुपाए रखता है।
राफेल डील असफल होने की दशा में किसी अन्य विकल्प पर उन्होंने कहा कि जब समस्या सामने आएगी तब देखा जाएगा। रक्षा मंत्री ने पिछले महीने ही साफ कर दिया था कि विमान समझौते में केवल कीमत को लेकर मामला अटका हुआ है।