उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'मैं मीडिया बिरादरी से सतर्क रहने और ऐसी आवाजों और आख्यानों को जानबूझकर या अनजाने में जगह देने से बचने का आग्रह करता हूं, जो भारत की अखंडता को खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।'
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया को देश की अखंडता के लिए खतरा उत्पन्न करने वाली अवधारणाओं के प्रति सतर्क रहने और उन्हें जगह देने से बचने का आग्रह किया। ठाकुर ने कहा, मैं यहां इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि हमारे महान राष्ट्र की लोकतांत्रिक प्रकृति हमेशा एक तथ्य बनी रहेगी। भले ही देश या विदेश से कितनी ही स्तरहीन और अतार्किक राय जाहिर की जाए।
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उनका यह बयान राहुल गांधी के कैंब्रिज वाले बयान पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, मैं मीडिया बिरादरी से सतर्क रहने और ऐसी आवाजों और आख्यानों को जानबूझकर या अनजाने में जगह देने से बचने का आग्रह करता हूं, जो भारत की अखंडता को खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। मंत्री लोकप्रिय मलयालम दैनिक ‘मातृभूमि’ के शताब्दी समारोह में विशेष अतिथि के रूप में हिस्सा ले रहे थे। उन्होंने कहा कि एक कहावत है कि तथ्य महत्वपूर्ण होते हैं और राय स्वतंत्र होती है।
सब कुछ स्वीकार करने से बचना होगा
ठाकुर ने कहा, हमें नवोन्मेष और आधुनिकता के नाम पर कुछ भी और सबकुछ स्वीकार करने से बचना होगा। भारत विरोधी भावना के साथ शुरू हुईं विदेशी प्रकाशन कंपनियां व संस्थाएं तथ्यों को तोड़-मरोड़ पर पेश कर रही हैं। इनकी पहचान कर उनको बेनकाब किया जाना चाहिए। यहां, धरातल की हकीककत को समझने वाली भारतीय मीडिया को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा, 'मैं यहां इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि हमारे महान राष्ट्र की लोकतांत्रिक प्रकृति हमेशा एक तथ्य बनी रहेगी, भले ही देश या विदेश से कितनी ही घटिया और अतार्किक राय जाहिर की जाए।'