राहुल गांधी ने एक अपनी सोच महिलाओं के सामने रखी। उन्होंने कहा, टिकट के लिए या अन्य किसी प्रभार के लिए मेरे पास दो आवेदक आते हैं। उनमें से एक पुरुष है और एक महिला है। मेरी पहली प्राथमिकता होगी कि उसे आगे बढ़ाया जाए जो वाकई ही काबिल व सक्षम है। फिर वो चाहे पुरुष हो या महिला। अगर वे दोनों ही सक्षम हैं तो मैं महिला को मौका दूंगा। इसके बाद महिलाओं ने राहुल के नारे लगाने शुरू कर दिए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला अधिकार सम्मेलन में बोलते हुए भाजपा और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा है। मोदी सरकार को आडे हाथ लेते हुए राहुल ने कहा, चार साल में महिलाओं के खिलाफ जितना कुछ हुआ है, वह सत्तर साल तो छोड़ो, तीन हजार साल में भी नहीं हुआ है। आज महिलायें असुरक्षा के माहौल में जी रही हैं।
भाजपा आरएसएस की सरकार में न्यायपालिका, चुनाव आयोग, संसद, अल्पसंख्यक समुदाय, महिलाएं, बच्चियां, सब पर हमले हो रहे हैं। मोदी जी बुलेट ट्रेन के बारे में बोलेंगे, हवाई जहाज के बारे में बोलेंगे, मगर महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को लेकर वे चुप हैं। बिहार में बच्चियों के साथ रेप हो रहा है और उनकी पार्टी के लोग आरोपियों की रक्षा करने में लगे हैं।
आरएसएस में कोई महिला क्यों नहीं है, आप समझ सकते हैं। मैं कहता हूं कि आरएसएस में न तो कोई महिला आई है और न आएगी। आरएसएस की सोच है कि हिंदुस्तान को सिर्फ पुरुष ही चलाएंगे। कांग्रेस और भाजपा की विचारधारा में यही फर्क है।