पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा में रहते हुए पंजाब को लेकर अपनी राय पार्टी नेतृत्व के सामने रखना उनका फर्ज है और इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वह पार्टी छोड़ने जा रहे हैं। अमरिंदर सिंह ने यह भी कहा कि वह इन दिनों एक 'मुश्किल दौर' से गुजर रहे हैं, हालांकि उन्होंने इस बारे में ज्यादा कुछ बताने से इनकार किया। 84 साल की उम्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह अभी बूढ़े नहीं हुए हैं। अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का उदाहरण दिया, जो काफी उम्र में देश के प्रधानमंत्री बने थे। पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी की याद में लिखी गई किताब 'बिशन विद लव' के लॉन्च के मौके पर अमरिंदर सिंह ने कहा, 'मैं 84 साल का हूं, लेकिन मोरारजी देसाई भी 92 साल के थे...'
फारूक अब्दुल्ला ने जताई अमरिंदर को फिर CM देखने की इच्छा
कार्यक्रम में मौजूद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वह चाहते हैं कि अमरिंदर सिंह एक बार फिर पंजाब के मुख्यमंत्री बनें। उन्होंने अमरिंदर सिंह को इसके लिए शुभकामनाएं भी दीं। किताब के लॉन्च कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, सैयद किरमानी और मदन लाल भी मौजूद थे।
क्रिकेट को बताया जेंटलमैन का खेल
अमरिंदर सिंह ने कहा, 'क्रिकेट जेंटलमैन का खेल है। इसे हमेशा बढ़ावा दिया जाना चाहिए। आज हमारे देश में जो कुछ भी हो रहा है - जिसके बारे में डॉक्टर साहब मुझसे बेहतर बता सकते हैं। हम एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, और हमें यहां ऐसे लोगों की जरूरत है।' इसी दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'मैं पहले से ही मुश्किल में हूं, इसलिए मेरी चिंता न करें।'
'मैंने पंजाब की राजनीति में 60 साल बिताए हैं'
बाद में जब अमरिंदर सिंह से पूछा गया कि वह भाजपा से नाराज क्यों हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब की राजनीति में 60 साल बिताए हैं। उनका कहना था कि कुछ लोग उनके बाद राजनीति में आए हैं और उन्हें अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ, जबकि उन्होंने इतने लंबे समय में पंजाब के हालात को करीब से देखा है। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग हमारे बाद आए और उन्हें एक साल भी नहीं हुआ है। हमने इतने वर्षों में पंजाब के हालात देखे हैं, लेकिन उन्होंने हमसे पूछा तक नहीं।'
'अपने विचार बताना मेरा फर्ज है, पार्टी छोड़ना नहीं'
अमरिंदर सिंह ने साफ किया कि भाजपा नेताओं के सामने अपनी बात रखना पार्टी छोड़ने का संकेत नहीं है। उन्होंने कहा, 'उन्हें अपने विचार और भावनाएं बताना मेरा फ़र्ज़ है। मैंने ऐसा नहीं कहा है कि कांग्रेस या भाजपा में अब मेरी कोई अहमियत नहीं रही। पार्टियां बदलती रहती हैं।' उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह कांग्रेस में थे, तब 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' की वजह से अकाली दल में भी गए थे और बाद में कांग्रेस में लौट आए। उनके मुताबिक, इसका यह मतलब नहीं है कि अब वह भाजपा छोड़कर किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं।
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कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर क्या कहा?
अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर जोर देकर कहा, 'लेकिन उन्हें (भाजपा नेताओं को) अपने विचार और भावनाएं बताना मेरा फर्ज है।' अमरिंदर सिंह के इन बयानों के बीच ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा छोड़कर दोबारा कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उनके बयान में उन्होंने पार्टी छोड़ने या कांग्रेस में लौटने की कोई घोषणा नहीं की है।