फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईस्पीड रेल के नाम पर जमीन अधिग्रहण: मंत्री जी. किशन रेड्डी बोले- यह अवैध; तेलंगाना में क्या है विवाद?

Sat, 10 Oct 2026 01:52 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, हैदराबाद।

सार

केंद्र सरकार ने हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बंगलूरू और हैदराबाद-पुणे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण का अनुरोध भेजने से इनकार किया है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि इस स्तर पर हाईस्पीड रेल के नाम पर जमीन अधिग्रहण करना अवैध है। तीनों रेल मार्गों के अलाइनमेंट का अध्ययन जारी है। रास्ते तय होने के बाद राज्य सरकारों और किसानों को जानकारी दी जाएगी।
 
विज्ञापन
जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय मंत्री - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने हैदराबाद से जुड़ने वाले तीन प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की मांग की बात से इनकार किया है। केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने संबंधित राज्य सरकारों को जमीन अधिग्रहण के लिए कोई अनुरोध नहीं भेजा है। उन्होंने कहा कि इस चरण में हाईस्पीड रेल के नाम पर किया जा रहा जमीन अधिग्रहण अवैध है।
विज्ञापन


कौन से तीन हाईस्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित हैं?
जी. किशन रेड्डी ने बताया कि उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हैदराबाद से जुड़ने वाले तीन प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर चर्चा की थी। इनमें हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बंगलूरू और हैदराबाद-पुणे रेल कॉरिडोर शामिल हैं। रेल मंत्री ने उन्हें बताया कि तीनों मार्गों के अलाइनमेंट यानी रेल लाइन के निर्धारित रास्ते का अध्ययन अभी चल रहा है।

तेलंगाना में जमीन अधिग्रहण को लेकर क्या विवाद है?
केंद्र का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तेलंगाना सरकार की ओर से रेल कॉरिडोर और दूसरी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की कोशिशें की जा रही हैं। हैदराबाद के बाहरी इलाकों में इन प्रयासों का किसानों ने विरोध किया है। इसी बीच केंद्र ने स्पष्ट किया है कि हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए अभी जमीन अधिग्रहण का कोई अनुरोध संबंधित राज्य सरकारों को नहीं भेजा गया है।
विज्ञापन


रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के हवाले से किशन रेड्डी ने बताया कि तीनों कॉरिडोर का अलाइनमेंट तय होने के बाद इसकी जानकारी संबंधित राज्य सरकारों और किसानों के साथ साझा की जाएगी। फिलहाल रास्तों का अध्ययन किया जा रहा है। यानी अभी तीनों प्रस्तावित रेल कॉरिडोर के अंतिम मार्ग का विवरण साझा नहीं किया गया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: 'सवालों के जवाब दे सरकार, लाठियां नहीं': दिल्ली को किले में बदलने पर भड़के शशि थरूर; सीईसी को ऐसे घेरा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें