हैदराबाद की 18 साल की लड़की को काम का लालच देकर कुवैत में बेच दिया गया है। उसे नौकरी पर रखने वाला प्रताड़ित करने के साथ ही उसे बीमार होने पर ठीक तरह से खाने और दवा तक नहीं दे रहा है। पीड़ित लड़की का नाम मलाना बेगम है। उसने अपनी आपबीती फोन के जरिए परिवार को बताई। जिसके बाद मां रुकैया बेगम ने उसे छुड़ाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद मांगी है।
मंत्री को भेजे पत्र में हाफिज बाबा नगर की रहने वाली रुकैया बेगम ने बताया कि शालीबंदा के रहने वाले जोड़े तस्लीम बेगम और नवाज और शाहीन नगर के निवासी सलीम ने मलान बेगम को एक नौकरी का ऑफर दिया। उन्होंने उसे 100 कुवैत दिरहम (22,000) प्रति महीने की तनख्वाह पर ब्यूटिशियन की नौकरी देने का वादा किया। रुकैया बेगम के अनुसार जिन एजेंट्स ने उससे संपर्क किया था, उन्होंने ही बेटी का पासपोर्ट बनाया। उन्होंने कथित तौर पर उसका आधार कार्ड बनाया जिसमें उसकी उम्र 22 साल लिखवाई। लड़की को 8 मई 2018 को यात्रा वीजा पर कुवैत ले जाया गया। यह वीजा 13 जुलाई को खत्म हो जाएगा। जैसे ही वह कुवैत पहुंची उसे दूसरा एजेंट
ब्यूटिशियन की बजाए नौकरानी के काम के लिए ले गया।
रुकैया बेगम को यह नहीं पता कि उनकी बेटी कुवैत में इस समय कहां है। मगर उनके पास वह नंबर है जिसके जरिए वह अपने परिवार से संपर्क करती रहती है और नौकरी पर रखने वाले के चंगुल से बचाने की गुजारिश करती है। नौकरी देने वाले शख्स उसे वापस देश भेजने के लिए तीन लाख रुपयों की मांग कर रहा है। मलान बेगम को बीमार पड़ने पर ठीक तरह से खाना और दवाएं तक नहीं दी गईं।
रुकैया बेगम ने कहा, 'मैंने एजेंट से अपनी बेटी को वापस लाने के लिए संपर्क किया था लेकिन वह ना तो मदद कर रहा है और ना ही पासपोर्ट की कॉपी दे रहा है ताकि मैं
विदेश मंत्रालय और कुवैत में स्थित भारतीय दूतावास से उसे वापस लाने के लिए शिकायत कर सकूं।' मजलिस बचाओ तहरीक के नेता अमजद उल्लाह खान भी रुकैया के मामले को विदेश मंत्रालय के पास लेकर गए हैं।