पीठ ने कहा, इस मामले का सच सबके सामने आना चाहिए। एनकाउंटर को लेकर कई तरह के विवादित पक्ष हैं, जिसके लिए जांच आयोग से पूरे मामले की जांच कराने की जरूरत है। तेलंगाना सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि पुलिस कमिश्नर रैंक के वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है और बहुत जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
इस पर पीठ ने कहा, भले ही एसआईटी मामले की जांच कर रही है, लेकिन इस बात को कैसे प्रमाणित किया जाए कि पुलिस द्वारा चाराें आरोपियों के मारे जाने के मामले में इस तरह की जांच सच्चाई को उजागर करेगी। पीठ ने कहा, हमारा निष्कर्ष है कि एक जांच आयोग के जरिये पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
तेलंगाना हाईकोर्ट ने महिला पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के चारों आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को बीच में ही रोक दी। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी मिलने के बाद यह फैसला किया।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ ने कहा है कि आगे सुनवाई शीर्ष अदालत के फैसले के स्पष्ट होने के बाद ही की जाएगी। पीठ ने चारों आरोपियों के शवों को भी शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे तक सुरक्षित रखे जाने के निर्देश दिए हैं।